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Education Psychology शिक्षा मनोविज्ञान CTET Exam Notes Paper 1 & 2

Education Psychology शिक्षा मनोविज्ञान CTET Exam Notes Paper 1 & 2.

शिक्षा मनोविज्ञान वह विधायक विज्ञान है जो शिक्षा की समस्याओं का विवेचन विष्लेषण एवं समाधान करता है। शिक्षा मनोविज्ञान से कभी पृथक नहीं रही है। मनोविज्ञान चाहे दर्शन के रूप में रहा हो, उसने शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति का विकास करने में सहायता की है।

शिक्षा मनोविज्ञान के आरंभ के विषय में लेखकों में कुछ मतभेद है। कोलेसनिक ने इस विज्ञान का आरंभ ईसा पूर्व पांचवी शताब्दी के यूनानी दार्शनिको से माना है, उनमें प्लेटो को भी स्थान दिया है।

Education Psychology

कोलेसनिक के शब्दों में– ‘‘मनोविज्ञान और शिक्षा के सर्वप्रथम व्यवस्थित सिद्धांतों में एक सिद्धांत प्लेटों का भी था।’’

कोलेसनिक के विपरीत स्किनर ने शिक्षा मनोविज्ञान का आरंभ प्लेटो के शिष्य अरस्तु के समय से मानते हुए लिखा है ‘‘शिक्षा मनोविज्ञान का आरंभ अरस्तु के समय से माना जा सकता है। पर शिक्षा मनोविज्ञान की उत्पत्ति यूरोप में पेस्त्रला जी, हरबर्ट और फ्राबेल के कार्यों से हुई जिन्होंने शिक्षा को मनोवैज्ञानिक बनाने का प्रयास किया।’’

स्किनर के शब्दों में ‘‘शिक्षा मनोविज्ञान, मनोविज्ञान की वह शाखा है जिसका संबंध पढ़ने व सीखने से है।’’

शिक्षा मनोेविज्ञान का अर्थ

Education Psychology शिक्षा मनोविज्ञान

शिक्षा मनोविज्ञान की परिभाषाएं

शिक्षा मनोविज्ञान के सिद्धांतों का शिक्षा में प्रयोग ही नहीं करता अपितु शिक्षा की समस्याओं को हल करने में योग देना है। इसलिए शिक्षा विदो ने शिक्षा की समस्याओं के अध्ययन, विश्लेषण, विवेचन तथा समाधान के लिये इसकी परिभाषाएं इस प्रकार दी है।

1. स्किनर – शिक्षा मनोविज्ञान के अन्तर्गत शिक्षा से संबंधित संपूर्ण व्यवहार आरै व्यक्तित्व आ जाता है।

2. क्रो एण्ड क्रो – शिक्षा मनोविज्ञान व्यक्ति के जन्म से वृद्धावस्था तक सीखने के अनुभवों का वर्णन और व्याख्या करता है।

3. साॅरॅरे व टेलेलफोडेर्ड – शिक्षा मनोविज्ञान का मुख्य संबंध सीखने से है। वह मनोविज्ञान का वह अंग है जो शिक्षा के मनोवैज्ञानिक पहलुओं की वैज्ञानिक खोज से विशेष रूप से संबंधित है।

आवश्यकता

कैली के अनुसार – कैली ने शिक्षा मनोविज्ञान की आवश्यकता को निम्नानुसार बताया हैः-

1. बालक के स्वभाव का ज्ञान प्रदान करने हेतु।

2. बालक के वृद्धि और विकास हेतु।

3. बालक को अपने वातावरण से सामंजस्य स्थापित करने के लिए।

4. शिक्षा के स्वरूप, उद्देश्यों और प्रयोजनों से परिचित करना।

5. सीखने और सिखाने के सिद्धांतों और विधियों से अवगत कराना।

6. संवेगों के नियंत्रण और शैक्षिक महत्व का अध्ययन।

7. चरित्र निर्माण की विधियों और सिद्धांतों से अवगत कराना।

8. विद्यालय में पढ़ाये जाने वाले विषयों में छात्र की योग्यताओं का माप करने की विधियों में प्रशिक्षण देना।

9. शिक्षा मनोविज्ञान के तथ्यों और सिद्धांतों की जानकारी के लिए प्रयोग की जाने वाली वैज्ञानिक विधियों का ज्ञान प्रदान करना।

शिक्षा मनोेविज्ञान के क्षेत्र

Education Psychology शिक्षा मनोविज्ञान ctet.org.in

शिक्षा मनोविज्ञान के उद्देश्य

स्किनर ने शिक्षा मनोविज्ञान के उद्देश्यों को दो भागो में विभाजित किया है-

1. सामान्य उद्देश्य :-

(i). सिद्धांतो की खोज तथा तथ्यों का संग्रह करना।

(ii). बालक के व्यक्तित्व का विकास करना।

(iii). शिक्षण कार्य में सहायता देना।

(iv). शिक्षण विधि में सुधार करना।

(v). शिक्षा के उद्देश्य व लक्ष्यों की पूर्ति करना।

 

2. विशिष्ट उद्देश्य :-

(i). बालको के प्रति निष्पक्ष व सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण।

(ii). शिक्षा के स्तरों व उद्देश्यों को निश्चित करना।

(iii). शिक्षण परिणाम जानने में सहायता करना।

(iv). छात्र व्यवहार को समझने में सहायता देना।

(v). शिक्षण समस्या के समाधान हेतु सिद्धांतो का ज्ञान।

शिक्षा के क्षेत्र में मनोविज्ञान का योगदान – Education Psychology

1. मनोविज्ञान ने शिक्षा को बाल-केंद्रित बनाकर बालक को महत्त्व दिया।

2. बालको की विभिन्न अवस्थाओ के अनुरूप शिक्षण विधियों की व्यवस्था की।

3. बालको की रुचियों व मूल प्रवत्तियो को शिक्षा का आधार बनाया।

4. बालको की व्यक्तिगत विभिन्नताओं के अनुसार शिक्षा की व्यवस्था की।

5. पाठ्यक्रम का निर्माण बालको की आयु, रूचि व स्तरानुसार किया जाने लगा।

6. पाठ्यक्रम सहगामी क्रियाओ पर बल दिया गया।

7. दण्ड के स्थान पर प्रेम व सहानुभूति को अनुशासन का आधार बनाया।

8. शिक्षक को शिक्षा के उद्देश्यों की प्राप्ति हुई या नही, की जानकारी देता है।

9. मूल्यांकन के लिए नवीन विधियों की खोज की।

महत्त्वपूर्ण तथ्य – Education Psychology

1. मनोविज्ञान का जन्म अरस्तू के समय दर्शनशास्त्र के अंग के रूप में हुआ।

2. वाटसन ने मनोविज्ञान को व्यवहार का शुद्ध विज्ञान माना है।

3. विलियम जेम्स को मनोविज्ञान का जनक माना जाता है।

4. जर्मनी के प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक विलियम वुन्ट ने 1879 ई. में लिपजिंग में प्रथम मनोवैज्ञानिक प्रयोगशाला की स्थापना करके मनोविज्ञान को वैज्ञानिक स्वरुप दिया।

5. वॉल्फ ने शक्ति मनोविज्ञान का प्रतिपादन किया।

6. आधुनिक शिक्षा के जनक माने जाते है-जे.ए.स्टिपर

स्मरणीय बिंदु

1. वाटसन को व्यवहारवादी मनोविज्ञान का जनक माना जाता है।

2. रूसो ने शिक्षा में मनोविज्ञानिक दृष्टिकोण की शुरुआत की।

3. मनोविज्ञान की शाखा के रूप में शिक्षा मनोविज्ञान का जन्म 1900 ई. में हुआ।

4. मनोविज्ञान व्यवहार का वैज्ञानिक अध्ययन करता है।

5. मनोविज्ञान एक विधायक विज्ञान (Positive Science) है।

6. प्रयोगात्मक मनोविज्ञान के जन्मदाता विलियम वुन्ट थे।

7. कॉलसनिक शिक्षा मनोविज्ञान का आरम्भ प्लेटो से मानते है।

9. स्किनर शिक्षा मनोविज्ञान का आरम्भ अरस्तू से मानते है।

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1 Comment

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  1. Plzz reading strategies for children se related bhi kuch upload kijiye

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