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Erikson Theory Of Psychosocial Development ऐरिक्सन का मनोसामाजिक सिद्धांत Paper 1 & 2

Erikson Theory Of Psychosocial Development ऐरिक्सन का मनोसामाजिक सिद्धांत Paper 1 & 2

ऐरिक्सन के सिद्धांत के अनुसार पूरे जीवन भर विकास के आठ चरण क्रमानुसार चलते रहते हैं। प्रत्येक चरण में एक विशिष्ट विकासात्मक मानक होता है, जिसे पूरा करने में आने वाली समस्याओं का समाधान करना आवश्यक होता है।

ऐरिक्सन के अनुसार समस्या कोई संकट नहीं होती है, बल्कि संवेदनशीलता और सामथ्र्य को बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण बिन्दु होती है। समस्या का व्यक्ति जितनी सफलता के साथ समाधान करता है उसका उतना ही अधिक विकास होता है।

Erikson Theory Of Psychosocial Development

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ऐरिक्सन का यह मानना है कि विभिन्न चरणों में आने वाली समस्याओं का उचित समाधान हमेशा सकारात्मक नहीं हो सकता है। कभी-कभी समस्या के ऋणात्मक पक्षों से परिचय भी अपरिहार्य (जरूरी) हो जाता है।

उदाहरण के लिए- आप जीवन की हर स्थिति में सभी लोगों पर एक जैसा विश्वास नहीं कर सकते। फिर भी चरण में आने वाली विकासात्मक मानक की समस्या के सकारात्मक समाधान से होती है। उसके बारे में सकारात्मक प्रतिबद्धता प्रभावी होता है।

ऐरिक्सन का मनोसामाजिक सिद्धांत

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